कोई भी तकनीक समाप्त नहीं कर सकती लेखक का अस्तित्व : के. वनजा

बैजनाथ मिश्रा बोले-एआई वही लौटाता है, जो मनुष्य पहले दे चुका है; राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित संताली फिल्म ‘आँगेन’ की हुई विशेष स्क्रीनिंग

जमशेदपुर। साहित्य कला फाउंडेशन की ओर से आयोजित दो दिवसीय साहित्यिक महाकुंभ ‘छाप 3.0’ का शुक्रवार को बिष्टुपुर स्थित होटल एल्कोर में भव्य शुभारंभ हुआ। पहले दिन किताबों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की प्रासंगिकता, साहित्य में तकनीक की भूमिका, आदिवासी साहित्य में स्त्री की भागीदारी, पत्रकारिता की विश्वसनीयता और सिनेमा जैसे विषयों पर साहित्यकारों, पत्रकारों एवं विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।

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